अवधूत
महायोगी
महाव्रतधारी
माँ नर्मदा, धर्म, धरा, धेनु, प्रकृति एवं पर्यावरण के लिए पूर्ण समर्पित
श्री दादागुरु का जीवन पूर्णतः समर्पण और सेवा का प्रतीक है। वे माँ नर्मदा, धर्म, धरा, धेनु, प्रकृति एवं पर्यावरण के संरक्षण हेतु निरंतर समर्पि त हैं। नर्मदा मिशन के माध्यम से यह संकल्प जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है, जहाँ सेवा, साधना और जागरूकता को एक आंदोलन का रूप दिया गया है। यह मिशन केवल नदी संरक्षण नहीं, बल्कि संपूर्ण जीवन और प्रकृति के संतुलन की दिशा में एक प्रयास है। गौसेवा, वृक्षारोपण और स्वच्छता जैसे कार्यों के माध्यम से समाज को जोड़ते हुए, दादागुरु भगवान एक सतत और जागरूक भविष्य की प्रेरणा देते हैं।
श्री दादागुरु ने माँ नर्मदा की परिक्रमा चार बार निराहार रहकर पूर्ण की है।
सदी की सबसे बड़ी महाव्रत साधना
विगत 5 वर्षों से श्री दादागुरु निराहार हैं।
मध्य प्रदेश सरकार - लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा श्री दादागुरु पर शोध
मध्य प्रदेश सरकार - लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा श्री दादागुरु पर यह शोध किया गया कि वे विगत इतने समय से बिना अन्न के निराहार कैसे रह रहे हैं, और आज विज्ञान भी इसके समक्ष नतमस्तक है। श्री दादागुरु ने पिछले 5 वर्षों से अन्न का एक भी दाना ग्रहण नहीं किया है। वे प्रतिदिन केवल एक बार लगभग 300 ml माँ नर्मदा का जल ही ग्रहण करते हैं।
मुझे ऊर्जा प्रकृति से प्राप्त होती है - वृक्षों से, पौधों से, बहती हुई नदियों के जल से, नर्मदा पथ पर छोटे-छोटे कंकड़-पत्थर और मिट्टी से, तथा वहाँ बहने वाली वायु से, इन सभी के संपर्क में आता हूँ तथा असीमित ऊर्जा प्राप्त करता हूँ।
- श्री दादागुरु
नर्मदा मिशन के कार्य
जल संरक्षण एवं सरोवर पुनर्जीवन
जल जीवन का आधार है। नर्मदा मिशन सूखते हुए तालाबों, सरोवरों, बावड़ियों और जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए व्यापक स्तर पर कार्य कर रहा है। अनेक जल संरचनाओं को पुनर्जीवित कर स्थानीय पर्यावरण और जल संतुलन को मजबूत किया गया है।
गौ सेवा एवं गौ संरक्षण
भारतीय संस्कृति में गौमाता को समृद्धि, स्वास्थ्य और संवेदनशील जीवन का आधार माना गया है। नर्मदा मिशन गौवंश के संरक्षण, चिकित्सा, पोषण और संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रहा है। गौशालाओं को गौतीर्थ के रूप में विकसित कर समाज को गौसेवा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सेवा
स्वस्थ समाज ही सशक्त समाज का आधार है। नर्मदा मिशन चिकित्सा शिविरों, स्वास्थ्य जांच, उपचार और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों तक स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने का कार्य कर रहा है।
ग्राम विकास एवं स्वरोजगार
ग्रामीण भारत की समृद्धि ही राष्ट्र की समृद्धि है। नर्मदा मिशन गांवों में आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार, कुटीर उद्योग, कौशल विकास और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से सतत विकास का मॉडल विकसित कर रहा है।
वृक्षारोपण एवं हरित भारत अभियान
प्रकृति संरक्षण के संकल्प के साथ नर्मदा मिशन द्वारा करोड़ों वृक्षों के रोपण और संरक्षण का महाअभियान चलाया जा रहा है। मिशन का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें पूर्ण विकसित वृक्ष बनने तक संरक्षित करना है। यह अभियान पर्यावरण संतुलन, जैव विविधता संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का समाधान प्रस् तुत करता है।
माँ नर्मदा संरक्षण एवं जनजागरण
माँ नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि जीवन, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना की आधारशिला हैं। नर्मदा मिशन समाज को माँ नर्मदा के महत्व से परिचित कराते हुए उनके संरक्षण और संवर्धन के लिए व्यापक जनजागरण अभियान संचालित करता है। विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को नर्मदा संरक्षण से जोड़ा जाता है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए यह अमूल्य धरोहर सुरक्षित रह सके।










